– सिपाही के बैंक खाते में आई थी गबन की धनराशि, नहीं दर्ज कर रहे थे एफआईआर
अयोध्या। गोसाईगंज थानाध्यक्ष रहे शारदेंदु दुबे और सिपाही अजय यादव को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने शनिवार को निलंबित कर दिया है। अचानक हुई इस धमाकेदार कार्रवाई से पुलिस महकमे समेत पूरे जिले में हलचल तेज है। एसएसपी ने यह कार्रवाई क्यों की है, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आइये बताते हैं इस कार्रवाई के पीछे की वजह क्या है..
30 लाख के गबन मामले में कार्रवाई से कतरा रहे थे थानाध्यक्ष
-महबूबगंज उप डाकघर में शिवांशु श्रीवास्तव उप डाकपाल के पद पर कार्यरत थे। गोसाईगंज क्षेत्र के समदा निवासी मोहम्मद सगीर खान, उनके बेटे शमशेर खान और उनकी पत्नी कैसर जहां ने 11 जनवरी, 2025 को उप डाकघर से 30 लाख रुपये में तीन किसान विकास पत्र खरीदे थे। 10 मई, 2025 को शिवांशु श्रीवास्तव ने तीनों खाताधारकों को मृतक दिखाकर उनकी नॉमिनी मुमताज जहां के बचत खाते में संपूर्ण धनराशि जमा होना दर्शाया। इसके बाद मुमताज जहां की जानकारी के बिना 10 लाख और 5 लाख रुपए 13 मई को निकाल लिया। विभागीय जांच में पता चला कि 15 लाख रुपए महबूबगंज पुलिस चौकी में तैनात सिपाही अजय यादव के खाते में भी ट्रांसफर किए गए हैं। पता चला कि अजय यादव स्थानीय पुलिस चौकी पर तैनात होने के कारण शिवांशु श्रीवास्तव के करीबी हैं। बाद में अजय ने धनराशि शिवांशु की पत्नी आयुषी श्रीवास्तव के लखनऊ स्थित बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थानाध्यक्ष से कई बार किया निवेदन
उप मंडलीय निरीक्षक डाकघर हरिमोहन सिंह ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज करने के लिए थानाध्यक्ष गोसाईगंज शारदेंदु दुबे से कई बार आग्रह किया। इसके बावजूद वह हीला हवाली कर रहे थे तो मामला उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा। इसे गंभीरता से संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने कार्रवाई का चाबुक चलाया और थानाध्यक्ष गोसाईगंज व सिपाही अजय यादव को निलंबित करके उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद आनन-फानन तीनों आरोपियों के खिलाफ गबन के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।





